Tuesday, October 20, 2020

Discovery School Super League

Hindustan Times in collaboration with Byjus is conducting Discovery School Super League.  It is a National Level Quiz Competition For Class 3rd to Class 10th. It is free of cost activity. It’s a 20 min MCQ based test. MCQ question contains the Maths-Science Aptitude test.  


Steps for Students to participate in DSSL


STEP 1: Download the App

For Android: https://byjudssl.app.link/downloadapp

For iOS: https://byjudssl.app.link/downloadapp


STEP 2: Enter details to complete student registration


STEP 3: Click on "Start the DSSL Test"


STEP 4: Take the test


STEP 5: Claim rewards after completing the test.




Saturday, October 10, 2020

G.K AWARENESS FOR STUDENTS


1.एक मगरमच अपनी जीभ बाहर नही निकाल सकता. 

2. एक समुदी के कडेका दि ल उसके सिर मे होता है.

3. शुतरमुगो पर 80 साल के सर्वे  दौरान कोई भी  केस नही पाया गया जब एक शुतरमु रग ने अपना सिर रेत मेन दफनाया हो. 

4. शारीरक तौर पर सुअरो के लि ए आकाश की तरफ देखना असंमव है.

 5. एक गरभवती Gold fish को Tuit कहा जाता  है.

6. घोडेऔर चुहेऔर जीवो की तरह उली नही करते. 

7.  चुहो की गिणती बहत तेजी से बढती है। एक जोडा मिल के एक साल मे लाखो  संताने पैदा कर सकते है. 

8. मगरमच न तो अपनी जुबान हिला सकते हैऔर न ही कुछ चबा सकते है। इसका पाचक रस बहत ही ताकतवर होता हैऔर यह एक लोहे की कील भी हजम कर सकता है.

 9. औसतन एक कुते की आँखो की रोशनी मनुष सेअची होती है पर उतनी रंगदार नही.

 10. गोरिला एक दिन मे जादा से जादा 14 घंटे  सोता है.

Story-Time (धोखेबाज का अंत)

  किसी स्थान  पर एक बहत बड़ा तालाब था। वही एक बूढ़ा बगुला भी रहता था। बुढ़ापे के कारण वह कमजोर हो गया था। इस कारण मछ लि  पकड़ने मेअसम रथ था। वह तालाब के किनारे बैठकर, भूख से वाकु ल होकर आँसू बहाता रहता था। एक बार एक के कड़ा उसके पास आया। बगुलेको उदास देखकर उसने पूछा, ‘मामा, तुम रो को रहे हो? का तुमनेआजकल खाना-पीना छोड़ दि या है?॥अचानक यह का हो गया?ʼ बगुलेनेबताया- ‘पुत, मेरा जन इसी तालाब के पास हआ था। यही मैने इतनी उम बितायी। अब मैने सुना है कि यहाँ बारह वषो तक पानी नही बरसेगा।ʼ बरसेगा।ʼ के कड़ेनेपूछा, ‘तुमसेऐसा कि सने कहा है?ʼ बगुलेनेकहा- ‘मुझेएक जो ति षी ने यह बात बताई है। इस तालाब मे पानी पहलेही कम है। शेष पानी भी जली जल्दी ही सूख जाएगा। तालाब के सूख जानेपर इसमे रहने वाले पाणी भी मर जाएँ गे। इसी कारण मै परेशान हँ।ʼ बगुलेकी यह बात के कड़ेनेअपने सा थि यो को बताई। वेसब बगुलेके पास पहँचे। उनोनेबगुलेसे पूछा-‘मामा, ऐसा कोई उपाय बताओ, जि ससेहम सब बच सके ।ʼ बगुलेनेबताया-‘यहांसेकु छ दूर एक बड़ा सरोवर है। य दि तुम लोग वहाँ जाओ तो तुमारेपाणो की रका हो जाओ तो तुमारेपाणो की रका हो सकती है।ʼ सभी नेएक साथ पूछा-‘हम उस सरोवर तक पहँचेगेकै से?ʼ


 चालाक बगुलेनेकहा-‘मैतो अब बूढ़ा हो गया हँ। तुम लोग चाहो तो मैतुमे पीठ पर बैठाकर उस तालाब तक ले जा सकता हँ।ʼसभी बगुलेकी पीठ पर चढ़कर दूसरेतालाब मेजानेके लि ए तैयार हो गए। दु ष बगुला प ति दि न एक मछली को अपनी पीठ पर चढ़ाकर लेजाता और शाम को तालाब पर लौट आता। इस पकार उसकी भोजन की समसा हल हो गई। एक दि न के कड़ेनेकहा-‘मामा, अब मेरी भी तो जान बचाइए।ʼ बगुलेनेसोचा कि मछलियाँ तो वह बगुले ने सोचा कि मछलियाँ तो वह रोज खाता है। आज केकड़े का मांस खाएगा। ऐसा सोचकर उसने केकड़े को अपनी पीठ पर बैठा लि या। उड़ते हए वह उस बड़ेपतर पर उतरा, जहाँ वह हर दि न मछलियो को खाया करता था।के कड़ेनेवहाँपर पड़ी हई ह डि यो को देखा। उसनेबगुलेसेपूछा-‘मामा, सरोवर कितनी दूर है? आप तो थक गए होगे।ʼ बगुले ने केकड़े को मूरख समझकर उतर दि या-‘अरे, कैसा सरोवर! यह तो मैने अपने भोजन का उपाय सोचा था। अब तूभी मरनेके लिए तैयार हो जा। मै इस पतर पर बैठकर तुझे खा जाऊँ गा।ʼ इतना सुनते ही केकड़े ने बगुले की ग रदन जकड़ ली और अपने तेज दाँतो से उसे काट डाला। बगुला वही मर गया। गया। केकड़ा किसी तरह धीरे-धीरेअपने तालाब तक पहँचा। मछ लियो नेजब उसे देखा तो पूछा-‘अरे, केकड़े भाई, तुम वापस कैसे आ गए। मामा को कहाँ छोड़ आए? हम तो उनके इं तजार मे बैठेहै।ʼ यह सुनकर केकड़ा हँसने लगा। उसने बताया-‘वह बगुला महाठग था। उसने हम सभी को धोखा दि या। वह हमारे साथियो को पास की एक चटान पर ले जाकर खा जाता था। मैनउस धू रत बगुलेको मार दिया है। अब डरनेकी कोई बात नही है। इसीलिए कहा गया है कि जिसके पास बुदि है, उसी के पास बल भी होता है।

Saturday, September 19, 2020

एंटरप्रेन्योरशिप पाठयक्रम की ओर

 एंटरप्रेन्योरशिप  क्या है ? 

दिल्ली सरकार के सभी विद्यालयों मे एक नया पाठयक्रम इस वर्ष शुरू किया गया जो कक्षा 9  से 12 को करवाया जा  रहा है. हम सभी के मन में ये प्रश्न   उठता है    कि आखिर  एंटरप्रेन्योरशिप    क्या  है ?

बच्चो हमारे विद्यार्थी जीवन में कौशल का विकास  हमारी स्कूली शिक्षा का प्रथम उदेश्य है. इसी प्रकार एंटरप्रेन्योरशिप   माइंड सेट  भी जीवन का एक कौशल है. एंटरप्रेन्योरशिप का उदेश्य है कि  विद्यार्थियो   के अंदर छुपे हुए  गुण और  क्षमताएं     उभर कर सामने आए  और  खूब विकसित हो. 

आप सभी को जान कर ख़ुशी होगी की दिल्ली के शिक्षा मंत्री, श्री मनीष सिसोदिया के द्वारा दिए गए मार्ग दर्शन के अनुरूप कोविद-१९ के लॉक डाउन के समय में भी एंटरप्रेन्योरशिप करिकुलम पर ऑनलाइन क्लासेज करवाई गयी थी. ये एक महत्वपूर्ण कदम है आत्म निर्भर भारत की ओर.  इसके माध्यम से छात्र अपनी पूरी क्षमता प्राप्त कर सकेंगे और प्रभावी योगदान देने वाले नागरिक बन सकेंगे।

मुझे यकीन है कि रामानुजन स्कूल की छात्राएं भविष्य के उद्यमी के रूप में विकसित होंगी।




Let's preserve and conserve our environment !

 Honouring India’s long tradition of preserving the environment and in line with the Honourable Prime Minister Narendra Modi’s idea of a green and healthy environment; tree plantation day was celebrated in our school on 21st August 2020. Our school HoS Mrs Sharda Arya,  school staff, SMC members along with estate manager Mr Sanjay participated in this event with great enthusiasm. Approximately, 30 saplings were planted on the school premises.  This step is aligned with the Ministry of Education's campaign ‘One Student, One Tree’.  A collective consciousness for preserving the environment must be fostered during the early years of education. Tree plantation is not merely an activity but an effort to help students imbibe the values and ethos of conserving the environment in students. Ramanujan school reiterates the role of environmental science towards the attainment of sustainable development goal 13. 


Tuesday, September 8, 2020

Your Teachers as Corona Warriors !

 Stay Home Stay Safe 

With the spread of COVID-19, BLOs across Delhi started with the door-to-door survey starting, as per the Union home ministry’s recommendations. This was a mammoth city-wide exercise. They had to visit at least 300-350 houses during this time.  Though there were high chances of risk, believe you me students, te BLOs risked they risked their lives while fighting against COVID-19. Numerous visits and calls were made by them to people in containment zones. The BLOs tried to follow every precautionary measure, wearing of masks, sanitisation, keeping adequate social distancing while doing the door to door survey. 

Do you know who these BLOs are?

BLOs are grassroots-level workers,  composed of government school teachers and Anganwadi workers -- engaged in voter identification and other election-related exercises. Delhi has more than 13,000 BLOs.

Four teachers of the Ramanujan schools (Mrs. Rekha Rani Grover (Librarian), Mrs Nirmal Ekka (PRT), Mrs Elison Kerketta (PRT), Mrs Rabia (PRT)) were appointed as corona warriors to mitigate the spread the COVID-19.  The teachers were deployed as front line workers in the fight against Covid-19 as booth level officers (BLOs). 






प्रधानाचार्या द्वारा पत्र

प्रिय छात्राओं, रामानुजन सर्वोदय कन्या विद्यालय में आपका स्वागत है। आपका विद्यालय दिल्ली के सबसे बेहतरीन विधालयों में से एक है। इस समय, हम ए...